Wednesday, May 3, 2023

अंग्रेज़ीयत और हम


अंग्रेज़ चले गए
अंग्रेज़ीयत छोड़ गए
तो क्यों अंग्रेज़ीयत ने अब भी जकड़ा है?
जो श्वेत वह सुंदर
जो अश्वेत वह कृष्ण — नहीं?
एक ओर काली माँ पूजनीय
तो दूसरी ओर काली पुत्री अपूजनीय?
क्यों यह दोगुलापन?
जो हिंदी में बात करे वह गंवार
वहीं अंग्रेजी में वार्तालाप – अच्छी शिक्षा का प्रमाण!
कुछ समझ आया?
मुझे तो नहीं!
अंतर करके हुआ बंटवारा
तो क्यों न साथ चलने की मानसिकता से जुड़ें
जिस रंग / भाषा / जात इत्यादि ने हमे बाँटा
वही हमें जोड़े तो?
अनेकता में एकता नहीं तो स्वाधीन भारत का मायना ही क्या?!

Learnings...

Dancing, singing, writing, and playing, respectively...  (In collage and life, in general) The past few months have witnessed my...