Saturday, May 16, 2026

जीयो!

 क्योंकि जीना जरूरी है! 


आज बिल्कुल सच बात साझा करती हूँ 
हाँ, ज़िंदा रखा होगा ज्ञान ने
पर ज़िंदादिल रखा नादानी ने

ख़ुद को ज़्यादा गंभीरता से न तोलना
ज़्यादा हँसना, और भी ज़्यादा - जब हँसने 
का कोई कारण दिखाई न दे

और लगे कि मायूसी ही सच्चाई है
क्योंकि यही है एक ज़िंदादिल जीवन 
का मूल मंत्र|

जीवन क्षणभंगुर है और इसलिए ही ज़रूरी 
है हर क्षण जीया जाए 
कभी हंसते हुए, कभी उसकी कोशिश 
करते हुए

९०% चीज़ें डटे रहने से हो जाती है
निरंतर चलना, बिना रुके, किसी भी 
रुकावट के रहते 
यही जीत है

हमेशा आगे रहना एक भ्रांति है, आगे 
बढ़ना - सच्चाई 

चाहे कछुए या खरगोश की गति से -
जीवन दौड़ नहीं है बस एक प्रक्रिया 
तो दोस्त चलो, मुस्कुराओ और जीयो!





1 comment:

  1. मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया हर फ़िक्र को धुए में उड़ाता चला गया “। याद दिला दिया ….

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